विकसित कृषि संकल्प अभियान में किसानों को मिली आधुनिक खेती की नई दिशा धान बीज उपचार से लेकर कीट नियंत्रण तक वैज्ञानिकों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव जोड़ेकेरा में कृषि जागरूकता शिविर सम्पन्न, किसानों ने सीखी खरीफ फसल प्रबंधन की आधुनिक तकनीकें

कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विभाग ने जोड़ेकेरा में जगाई जागरूकता, खरीफ तैयारी पर विशेष प्रशिक्षण
ग्राम पंचायत जोड़ेकेरा में “विकसित कृषि संकल्प अभियान” के तहत कृषि जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें किसानों को खरीफ फसल की तैयारी, कीट एवं बीमारी नियंत्रण, हरी खाद के उपयोग और आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण कृषकों की उपस्थिति रही और किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र से पहुंचे कीट विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. पीयूष नेताम ने खरीफ सीजन में धान फसल की बेहतर उत्पादन तकनीकों, कीट एवं रोग नियंत्रण के वैज्ञानिक उपायों तथा समय पर बीज उपचार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को बताया कि फसल में लगने वाले कीटों और बीमारियों की समय रहते पहचान और उचित प्रबंधन से उत्पादन में वृद्धि संभव है।

इस दौरान डॉ. नेताम द्वारा 17 प्रतिशत नमक घोल से धान बीज उपचार का जीवंत प्रदर्शन भी किया गया। प्रदर्शन के माध्यम से किसानों को बताया गया कि किस प्रकार हल्के एवं अनुपयोगी बीजों को अलग कर गुणवत्तायुक्त बीज का चयन किया जा सकता है, जिससे अंकुरण क्षमता और उत्पादन बेहतर होता है। किसानों ने इस प्रदर्शन को काफी उपयोगी बताया और इसे अपनाने की बात कही।

कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी किसानों को विभिन्न विभागीय योजनाओं, अनुदान सुविधाओं एवं खेती में नई तकनीकों की जानकारी दी। कृषि विकास अधिकारी बांसकोट आर. एल. मरकाम, कृषि विकास अधिकारी बड़ेराजपुर आर. एस. मरकाम, क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी डी. डी. नागवंशी (क्षेत्र गम्हरी), ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एस. के. नाग (हरवेल) एवं किशोर कुमार मरकाम (कोपरा) ने किसानों को हरी खाद के महत्व, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के उपाय तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने संबंधी जानकारी प्रदान की।

अधिकारियों ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के साथ हरी खाद एवं जैविक तरीकों को अपनाने की अपील की, जिससे खेती की लागत कम होने के साथ भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहे।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सरपंच श्री जवाहर शोरी, जनपद सदस्य श्री दशरथ मरकाम सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे। ग्रामीण किसानों ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को खेती के लिए लाभकारी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की मांग की।

“विकसित कृषि संकल्प अभियान” के माध्यम से गांव-गांव तक वैज्ञानिक खेती की जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय और उत्पादन दोनों में वृद्धि कर सकें।

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