शासकीय हाई स्कूल पेनड्रावन में भव्य गणेश स्थापना, रामचरित मानस गायन व भजन-पूजन से गूंजा विद्यालय परिसर

गणेशोत्सव के साथ विद्यार्थियों को भक्ति और ज्ञान का पाठ

बड़ेराजपुर। शासकीय हाई स्कूल पेनड्रावन में गणेशोत्सव के पावन अवसर पर भक्ति, ज्ञान, संस्कार और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। संस्था द्वारा भव्य गणेश स्थापना कर विद्यार्थियों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ शिक्षा और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया जा रहा है। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रामचरित मानस गायन, भजन एवं पूजन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

15 सितंबर 2026 को स्कूल समिति की अनुमति एवं वरिष्ठ व्याख्याता रतन नेताम के कुशल मार्गदर्शन में गंगासागर मानस मंडली, कोरगांव द्वारा रामचरित मानस गायन एवं भजन-पूजन प्रस्तुत किया गया। मानस मंडली की भक्तिमय प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा दी।

भक्ति के साथ शिक्षा और संस्कार पर जोर

इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य श्री अगरचंद नाग ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में नियमित विद्यालय आना, अनुशासन का पालन करना और मन लगाकर अध्ययन करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को बुरी आदतों एवं नशापान से दूर रहने तथा संस्कारवान, जिम्मेदार और अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति का ज्ञान व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विद्यालय में आयोजित ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों से परिचित कराने का माध्यम बनते हैं।

धार्मिक ही नहीं, हर गतिविधि में बच्चों को सीख देने का प्रयास

शासकीय हाई स्कूल पेनड्रावन की विशेष पहल यह है कि संस्था द्वारा धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ अन्य शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से भी विद्यार्थियों को ज्ञान, अनुशासन, संस्कार और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। गणेशोत्सव जैसे अवसरों को केवल पूजा तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं की जानकारी देने तथा अच्छे जीवन-मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

विद्यालय परिसर में गणेश स्थापना के माध्यम से बच्चों को भक्ति के साथ ज्ञान, ज्ञान के साथ संस्कार और संस्कार के साथ जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देने का संदेश सामने आया।

भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जुड़ रही नई पीढ़ी

कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, धर्म और परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी जड़ों, संस्कृति और संस्कारों से जुड़े रहना नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण है। ज्ञान, सदाचार, सेवा, अनुशासन, त्याग और मानवता जैसे जीवन-मूल्यों को विद्यार्थियों के जीवन का हिस्सा बनाना ही शिक्षा का व्यापक उद्देश्य है।

गणेशोत्सव के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान देने का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के चरित्र, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण की भी महत्वपूर्ण संस्था है।

इसी प्रेरणादायी वातावरण के बीच कार्यक्रम का समापन हुआ और विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ने की अपनी पहल को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

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