1.11 लाख दीपों से जगमगाएगा कोण्डागांव, एक साथ गूंजेगा ‘सेवा संकल्प’ का संदेश

17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ का भव्य आयोजन, जिलेभर में शाम 7 बजे एक साथ होगा दीप प्रज्ज्वलन

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 12 प्रमुख पहलों के जरिए जनभागीदारी, सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण का संदेश

कोण्डागांव। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कोण्डागांव जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का व्यापक आयोजन किया जाएगा। अभियान के तहत जिलेभर में जनभागीदारी के माध्यम से सेवा, सुशासन, नवाचार और राष्ट्र निर्माण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। अभियान का सबसे आकर्षक आयोजन 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ के रूप में होगा, जब शाम 7 बजे जिलेभर में एक साथ करीब 1 लाख 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।

जिला मुख्यालय से लेकर विकासखंडों, ग्राम पंचायतों, प्रमुख पर्यटन स्थलों, महतारी सदन, अटल डिजिटल केन्द्र, प्रधानमंत्री आवास, अमृत सरोवर, आंगनबाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों, आश्रम-छात्रावासों एवं शासकीय कार्यालयों में दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इसके साथ ही शहीद स्मारकों, प्रतिमा स्थलों और सुरक्षा कैंपों को भी इस आयोजन से जोड़ा जाएगा। ऐसे गांवों में भी विशेष आयोजन होंगे, जहां पूर्व में बड़ी माओवादी घटनाएं हुई हैं अथवा जिन्होंने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। एक साथ जलने वाले हजारों दीप जिले की एकजुटता और विकसित भारत के संकल्प का प्रतीक बनेंगे।

12 प्रमुख पहलों से जनभागीदारी को मिलेगा विस्तार

‘सेवा संकल्प अभियान’ के दौरान केन्द्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

17 से 21 सितंबर तक ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के तहत नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सेवा एवं समर्पण की प्रेरक कहानियां प्रस्तुत की जाएंगी। इसी दौरान ‘सेवा की कहानी’ पहल के माध्यम से सेवा से जुड़ी प्रेरक कहानियों को क्लस्टर, जिला एवं राज्य स्तर पर सामने लाया जाएगा।

18 एवं 19 सितंबर, 28 सितंबर, 1 अक्टूबर तथा 3 अक्टूबर को ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ के तहत चित्र एवं आलेख प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को विकसित भारत के सपने से जोड़ना है।

23 से 25 सितंबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’ के माध्यम से नागरिकों एवं विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता से सेवा कार्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनबाड़ी केन्द्रों में ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत सामुदायिक सहभागिता, मातृ एवं बाल स्वास्थ्य तथा पोषण से संबंधित गतिविधियां होंगी।

29 सितंबर को ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को आभार और संकल्प के रंगों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के माध्यम से सेवा का संदेश राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाएगा।

‘सरकार आपके द्वार’ की तर्ज पर पहुंचेगा सेवा का संदेश

1 से 7 अक्टूबर तक ‘सेवा सेतु अभियान’ के अंतर्गत विकासखंड एवं विधानसभा स्तर पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य ‘सरकार आपके द्वार’ की भावना के अनुरूप नागरिकों को शासन की योजनाओं और सेवाओं से सीधे जोड़ना है।

6 से 10 अक्टूबर तथा 15 से 17 अक्टूबर तक ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के तहत पुनः नाट्य प्रस्तुतियां होंगी। 7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प का संदेश गांव से जिला और राज्य स्तर तक पहुंचाया जाएगा।

9 अक्टूबर को ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के तहत पांच क्षेत्रीय केन्द्रों में नवाचार संबंधी गतिविधियां आयोजित होंगी। इसके जरिए युवाओं को नए समाधान और नवाचार आधारित सोच के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

जल संरक्षण से सुशासन तक चलेगा अभियान

अभियान की पूरी अवधि में ‘जल जन सेवा संकल्प’ के तहत जल संरक्षण और जल संसाधनों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। जल संरक्षण को जनसेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

वहीं 17 अक्टूबर 2026 को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ अभियान का समापन होगा। ‘जनकल्याण का महामंच, पंचायत से संसद तक’ की अवधारणा पर आयोजित इस कार्यक्रम में सुशासन, जनकल्याण और सेवा से जुड़े विषयों पर संवाद किया जाएगा।

दीपों की रोशनी में दिखेगा विकसित भारत का संकल्प

अभियान में विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों को व्यापक रूप से जोड़ा जाएगा। विभिन्न विभागों को कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए समन्वय और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

17 सितंबर की शाम को जब कोण्डागांव में 1 लाख 11 हजार दीप एक साथ जगमगाएंगे, तो यह केवल दीप प्रज्ज्वलन नहीं बल्कि सेवा, समर्पण, एकजुटता और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प का भव्य संदेश होगा।

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