मोबाइल सिग्नल की समस्या से बैंकिंग, पढ़ाई और सरकारी सेवाएं प्रभावित, टावर स्थापना की मांग तेज
गुहाबोरड। एक ओर देश डिजिटल क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है, वहीं गुहाबोरड क्षेत्र के ग्रामीण आज भी कमजोर मोबाइल नेटवर्क और खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या से जूझ रहे हैं। आजादी के दशकों बाद भी संचार व्यवस्था की बदहाल स्थिति के कारण क्षेत्रवासियों को रोजमर्रा के जरूरी कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मोबाइल नेटवर्क की समस्या के चलते बैंकिंग सेवाएं, ऑनलाइन भुगतान, आधार संबंधी कार्य, सरकारी योजनाओं का लाभ, विद्यार्थियों की पढ़ाई तथा अन्य डिजिटल सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कई बार आवश्यक कॉल तक नहीं लग पाती, जिससे लोगों को नेटवर्क की तलाश में ऊंचे स्थानों या दूर-दराज के इलाकों तक जाना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार इंटरनेट की धीमी गति और बार-बार सिग्नल गायब होने से समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। इसका सबसे अधिक असर विद्यार्थियों, किसानों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है, जिन्हें आवश्यक सेवाओं के लिए अतिरिक्त परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द तकनीकी सर्वे कर मोबाइल टावर की स्थापना अथवा नेटवर्क सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
ग्रामीणों का कहना है कि मजबूत संचार व्यवस्था किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती है। यदि गुहाबोरड में नेटवर्क समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो क्षेत्र डिजिटल भारत की मुख्यधारा से पीछे छूट सकता है। लोगों ने प्रशासन और दूरसंचार कंपनियों से जल्द हस्तक्षेप कर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।फोटो कैप्शन
नेटवर्क की तलाश में गांव के ऊंचे स्थानों पर पहुंचने को मजबूर ग्रामीण।”









