विकास खंड बड़े राजपुर अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला तितरवंड में वर्षों तक अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाएँ देकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अभूतपूर्व योगदान देने वाले शिक्षक वासुदेव नंदन साहू को उनके व्याख्याता पद पर पदोन्नति के उपलक्ष्य में शनिवार को भावपूर्ण विदाई दी गई। पदोन्नति के बाद वे अब शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटेला (चारामा) में अपनी नई सेवाएँ देंगे।
साहू ने 21 जून 2010 से 26 सितंबर 2025 तक तितरवंड के विद्यालय में अपनी निष्ठा, अनुशासन और उच्च शिक्षण क्षमता के साथ कार्य करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, परिणामों में निरंतर सुधार तथा बालकों में सीखने की रुचि बढ़ाने में उनकी भूमिका को सभी ने विशेष रूप से याद किया।
उनका सरल स्वभाव, सौम्यता और सेवा-भाव ने उन्हें शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और गाँव के लोगों के बीच एक सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व शिक्षक रहे उपस्थित
विदाई समारोह की अध्यक्षता प्राचार्य गौतम मरकाम ने की।
इस अवसर पर सीएससी संतोष नेताम, भक्त प्रहलाद चंद्रवंशी, सोनाराम कवाची, भागवत प्रसाद कश्यप, काशीराम उसेंडी, जगदेव मरकाम, सोमप्रकाश साहू, देवेंद्र कुमार ध्रुव, रोशन रत्नेश, फूलसिंह गुनागैहा सहित समस्त शिक्षक-स्टाफ उपस्थित रहे।
इसके साथ ही क्षेत्र के गणमान्य जनप्रतिनिधियों में जनपद सदस्य संदीप गायता, ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमति सुनीता मरकाम, पंच श्रीमति शीला मरकाम, फूलोदेवी नेताम, रोजगार सहायक सचिव किशन लाल यादव, नानजात नेताम, शिवलाल नेताम, लखन लाल नेताम सहित अनेक ग्रामीणों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
वक्ताओं ने किया साहू की सेवाओं का विशेष उल्लेख
सभी वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि वासुदेव नंदन साहू की सेवाएँ विद्यालय की अमूल्य धरोहर हैं। विद्यार्थियों के लिए उनका प्रेरक मार्गदर्शन, कक्षा संचालन की दक्षता और विद्यालय गतिविधियों में सक्रियता ने संस्थान को नई पहचान दी है।
सभी ने उनके उत्तरोत्तर प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सम्मान-अर्पण के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
समारोह का समापन शॉल-श्रीफल, पुष्पगुच्छ अर्पण कर तथा शिक्षक साहू को स्मृति-चिह्न भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षक साहू ने भावुक शब्दों में सभी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि तितरवंड विद्यालय के साथ बिताए गए वर्ष उनके जीवन की सबसे यादगार अवधि रहेगी।










