अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी एवं मॉनिटरिंग सेल की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर हुआ मंथन

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कोण्डागांव।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव श्रीमती किरण चतुर्वेदी की अध्यक्षता में अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी एवं मॉनिटरिंग सेल की महत्वपूर्ण बैठक प्रधान न्यायाधीश महोदया के विश्राम कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में न्यायिक प्रशासन एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

बैठक में कलेक्टर कोण्डागांव श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती रेशमा बैरागी पटेल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती गायत्री साय एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेंद्र देव पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी की समीक्षा

अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी की बैठक में न्यायिक हिरासत में निरुद्ध अनुशंसित बंदियों के मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष रूप से ऐसे मामलों पर विचार किया गया, जिनमें आरोपी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं तथा जमानत की संभावना बनती है। इसके साथ ही सजायाफ्ता बंदियों की वर्तमान स्थिति पर भी गंभीर चर्चा की गई, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में मानवीय दृष्टिकोण और संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके

मॉनिटरिंग सेल की बैठक में बुनियादी सुविधाओं पर फोकस

मॉनिटरिंग सेल की बैठक में न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आबंटित आवासों की जर्जर स्थिति, आवश्यक मरम्मत कार्य, दैनिक उपयोगी सुविधाओं की पूर्ति, निर्माणाधीन न्यायिक आवासों की प्रगति तथा न्यायिक कर्मचारी आवास हेतु आबंटित भूमि पर चर्चा की गई।

इसके साथ ही नवीन जिला न्यायालय भवन निर्माण हेतु आबंटित, अतिक्रमित अथवा विवादित भूमि को शीघ्र निराकृत कर मंडी प्रांगण स्थित रिक्त शासकीय भूमि को तत्काल आबंटित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में पीड़िता, बच्चों एवं उनके परिजनों के लिए वातानुकूलित, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त कक्ष, शौचालय सहित बनाए जाने के प्रस्ताव पर भी गंभीर चर्चा की गई।

संयुक्त स्थल निरीक्षण

बैठक के पश्चात् मंडी प्रांगण स्थित रिक्त भूमि का जिले के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण एवं जांच की गई। निरीक्षण के दौरान भूमि की स्थिति, पहुंच मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, आवश्यक अधोसंरचना एवं विधिक पहलुओं का गहन परीक्षण किया गया।

सभी संबंधित विभागों ने आपसी समन्वय के साथ तथ्यों का अवलोकन किया।

नवीन जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना को लेकर प्रतिबद्धता

न्यायिक प्रशासन एवं जिला प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि नवीन जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना हेतु सभी आवश्यक मानकों, नियमों एवं प्रक्रियाओं का पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा, ताकि आमजन को सुलभ, सुरक्षित एवं प्रभावी न्यायिक सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

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