फलन सरकार कि रिपोर्ट
कोंडागांव।
जिले के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नगर के बंधा तालाब गार्डन में शनिवार को आयोजित किसान मेला एवं प्रदर्शनी जिलेभर के किसानों, कृषि विशेषज्ञों एवं आम नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। मेले का शुभारंभ बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी द्वारा किया गया। यह मेला रविवार तक चलेगा, जिसमें जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए किसान उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
मेले में खेती, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं मुर्गी पालन से जुड़ी आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही किसानों द्वारा अपने खेतों में उत्पादित फसलों, सब्जियों, फलों एवं अन्य कृषि उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई है। प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण ग्राम पल्ली के किसान पाखलू मरकाम द्वारा लाया गया 32 किलो वजनी देशी कद्दू रहा, जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
मेले में सब्जियों की विभिन्न किस्में, फल, फूलों की अलग-अलग प्रजातियां, शो प्लांट एवं होम गार्डनिंग के मॉडल प्रदर्शित किए गए। इन मॉडलों के माध्यम से यह बताया गया कि सीमित स्थान में भी आधुनिक तरीकों से घर पर सब्जियां एवं पौधे कैसे उगाए जा सकते हैं। इसके साथ ही नारियल से निर्मित विभिन्न उत्पादों की भी प्रदर्शनी लगाई गई।
मत्स्य पालन विभाग द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से मछली पालन, मछली के साथ बतख पालन के लाभ एवं उन्नत तकनीकों की जानकारी दी गई। वहीं पशुपालन विभाग द्वारा उन्नत नस्ल के बकरे-बकरियां, कड़कनाथ मुर्गी, बतख, बटेर एवं पशुओं के चारे का प्रदर्शन कर किसानों को उपयोगी जानकारी प्रदान की गई।

भंडारवंडी के किसान मंगलू राम कोर्राम द्वारा जैविक खेती से उत्पादित चावल, दालों की विभिन्न किस्में एवं जैविक खाद्य सामग्री प्रदर्शित की गई, जहां किसानों एवं आम नागरिकों की अच्छी खासी भीड़ देखी गई। इसके अतिरिक्त कृषि कार्यों में सहायक आधुनिक यंत्रों—निराई-गुड़ाई, सिंचाई एवं दवाई छिड़काव उपकरणों—का भी प्रदर्शन किया गया, जिनके बारे में विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी।
बिहान समूह की कृषि सखियों द्वारा सब्जियों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सराहनीय रही। वहीं होम गार्डनिंग में रुचि रखने वाले नागरिकों द्वारा गमलों में उगाए गए पौधों का प्रदर्शन किया गया, जिससे शहरी क्षेत्र के लोगों को भी खेती से जुड़ने की प्रेरणा मिली।
इस अवसर पर विधायक लता उसेंडी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन अभी छोटे स्तर पर किया गया है, लेकिन भविष्य में इसे और व्यापक रूप दिया जाएगा, ताकि जिले के अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि कोंडागांव जिले में वर्तमान में 67 दुग्ध समितियां कार्यरत हैं, जो यह दर्शाता है कि जिले के किसान कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं मुर्गी पालन के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने जैविक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए शासन की योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
जिला कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना ने कहा कि किसान मेला आयोजित करने का विचार विधायक का है और यह जिले में अपनी तरह का पहला प्रयास है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी दिसंबर माह में पुनः किसान मेला आयोजित किया जाएगा तथा किसानों से अपील की कि अगली बार 32 नहीं बल्कि 40 किलो का कद्दू लाकर नया रिकॉर्ड बनाया जाए।
जिला पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा ने कहा कि वर्तमान कोंडागांव में विकास कार्य स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं दूरस्थ गांवों तक पहुंच रही हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल ने पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं नगर पालिका उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
मेले में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी, सदस्य यशोदा कश्यप, मनोज जैन, दीपेश अरोरा, जीतू सुराना, नागेश देवांगन, हिना श्रीवास्तव, सोनामणि पोयाम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई, अपर कलेक्टर चित्रकांत चाली ठाकुर, एसडीएम अजय उराव सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।










