लक्ष्मीनाथ नाग
शासन की नक्सल पुनर्वास नीति की सराहना की
कोण्डागांव, में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर के युवाओं को खेलों के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ने एवं खेल प्रतिभा को एक नया मंच प्रदान करने के उदेश्य से बस्तर संभाग के सभी जिलों में बीते दिनों विकासखंड एवं जिला स्तर पर बस्तर ओलम्पिक का आयोजन किया गया, जहां पर अच्छे प्रदर्शन करने वाले युवाओं को संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक में हिस्सा लेने का मौका मिला है। इस बस्तर ओलम्पिक में सिरकत करने असम से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल कोंडागांव पहुंचा। जिला प्रशासन द्वारा दल को कोंडागांव की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहरों से परिचित कराने के लिए शुक्रवार को प्रतिनिधियों को केशकाल स्थित टाटामारी के प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन कराया गया। यहां उनके रात्रि विश्राम और भोजन की व्यवस्था के साथ स्थानीय आत्मसमर्पित लोगों के साथ चर्चा का भी आयोजन किया गया। बातचीत के दौरान एक दूसरे से माओवाद से मुख्यधारा में लौटने और शासन की पुनर्वास नीति पर विचार साझा किए गए। असम के प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों ने बताया कि वे भी एनडीएफबी संगठन के सदस्य रह चुके हैं और अब मुख्यधारा में लौट चुके हैं। मोओवाद आत्मसमर्पित स्थानीय लोगों ने बताया कि वे कैसे मुख्यधारा में लौटे और शासन की नीतियों से बेहतर पुनर्वास हुआ। प्रतिनिधिमण्डल ने राज्य शासन की पुनर्वास नीति की सराहना की। प्रतिनिधिमण्डल में बिनुअल वरी, अजोय कुमार भोबोरा, दिलरंजन नारजरी, साहेन वारी और मार्क दैमारी शामिल थे।

शनिवार को सुबह प्रतिनिधिमण्डल ने टाटामारी के मनोरम दृश्यों का आनंद लिया और इसके बाद कोंडागांव जिला मुख्यालय पहुंचने पर कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं पुलिस अधीक्षक वाय अक्षय कुमार के द्वारा प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात प्रतिनिधियों ने केंद्रीय ग्रंथालय का भ्रमण किया। यहां उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से संवाद किया और ग्रंथालय की व्यवस्थाओं की सराहना की। इसके पश्चात, प्रतिनिधि दल डोंगरीगुड़ा स्थित लाइवलीहुड प्रशिक्षण केंद्र पहुंचा, जहां उन्होंने माओवाद प्रभावित क्षेत्र के युवाओं से मुलाकात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इन क्षेत्रों के विकास और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों की प्रशंसा की और युवाओं को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रतिनिधियों ने गारमेंट फैक्ट्री का भी दौरा किया और वहां की कार्यप्रणाली को देखा। उन्होंने फैक्ट्री में काम कर रही महिलाओं से बातचीत कर उनकी कार्य परिस्थितियों और अनुभवों के बारे में जाना। इसके बाद शिल्पनगरी का भ्रमण करते हुए, उन्होंने बस्तर की प्रसिद्ध बेलमेटल कला को देखा और इसके निर्माण प्रक्रिया की बारीकियों को समझा।
इससे पूर्व टाटामारी केशकाल में जिला प्रशासन की ओर से डिप्टी कलेक्टर सुश्री निकिता मरकाम, एस डी एम केशकाल श्री अंकित चौहान और डी एस पी श्री लक्ष्मण सिंह एवं अन्य अधिकारियों ने स्वागत किया।











